विशेष रिपोर्ट

अजब - गजब: नर्सींग की परीक्षा देने आई महिला को हुआ प्रसव पीड़ा, बैतूल में जन्मी बेटी तो नाम रखा बैतूल

अजब - गजब: नर्सींग की परीक्षा देने आई महिला को हुआ प्रसव पीड़ा, बैतूल में जन्मी बेटी तो नाम रखा बैतूल

बेतूल जिले के दौ साल की पूर्वबेला पर बैतूल में जन्मी बेटी तो नाम रखा बैतूल

अगले वर्ष बैतूल जिले की 200 वी वर्षगांठ पर मेहमान होगी माँ - बेटी

No description available.

बैतूल : अजब - गजब बेतूल में हाल ही में एक ऐसी घटना ने सबको चौंका दिया। दर असल हुआ यूं कि जिले के राजा भोज नर्सिंग कालेज में नर्सींग की परीक्षा देने आई महिला श्रीमति कुसमा मनोज बघेलको प्रसव पीड़ा होने पर उसे कालेज की प्राचार्य एवं पूरे स्टाफ ने जिला चिकित्सालय भर्ती करवाया जहां पर उसे नार्मल डिलीवरी में एक बेटी हुई। प्रसव उपरांत महिला ने बकायदा दुसरे दिन राजा भोज नर्सींग कालेज में जाकर परीक्षा दी। उसके बाद स्वस्थ महिला अपनी स्वस्थ बेटी को बैतूल का नाम देकर 26 फरवरी 2021 की मध्यरात्री 1 बजे अपने गृह जिला रवाना हो गई।

No description available.

लड़की का नाम बैतूल
इतिहास के पन्नो में दर्ज लोककथाओं एवं जानकारी के अनुसार बैतूल (क्चड्डह्लह्वद्य) का अर्थ तपस्वी कुंवारी युवती के लिए है जिसका धर्म इस्लाम है। बैतूल नाम से मिलते - जुलते नामो में बालाजी, बीबी, बिनू, बाबी, बावन्या, बव्येश बोडिल, बिदेलिया, बेदेलिया बोडिला, बाटौल, बेथली, बोडिले, बैतूल है। मून रूप से बेतूल अफ्रीकी नाम है। बेतूल नाम महिला का है। अंक ज्योतिषी में बैतूल का अंक 11 है।

जन्मांक 9 नामांक 11
बैतूल जिला चिकित्सालय में दिनांक गुरूवार 18 फरवरी 2021 को दोपहर 2.55 को एक बेटी को जन्म दिया। प्री टर्म डिलीवरी होने के कारण महिला को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करवाया गया। महिला ने जिस बेटी को जन्म दिया उसका वजन कम होने के कारण उसे डाक्टरो ने अपनी निगरानी में रखा। जहां एक ओर 18 तारीख को जन्म होने के कारण इस बिटिया का जन्मांक 9 निकलता है। वही दुसरी ओर उसकी माँ ने उसका नाम जब बैतूल रखा तब उसका नामांक 11 निकलता है।

बसंत पंचमी को बैतूल आई कुसमा
उतर प्रदेश के आगरा जिले के लखनपुर से मंगलवार 16 फरवरी 2021 को बैतूल पहुंची श्रीमति कुसमा गर्भवति थी। उसे डाक्टरो ने डिलीवरी की तारीख गुरूवार 4 मार्च 2021 दी थी लेकिन दिनांक महिला ने 16 दिन पूर्व ही बेटी को जन्म दे दिया। अपनी डिलेवरी में 16 दिन बाकी है यह जानकर श्रीमति कुसमा बैतूल नर्सींग परीक्षा देने अपनी बड़ी बहन श्रीमति कविता मुनेशचन्द्र बघेल के संग आगरा से बैतूल आ थी। श्रीमति कुसमा मनोज बघेल ने बुधवार 17 फरवरी 2021 को अपना पहला पेपर भी दिया लेकिन 18 फरवरी गुरूवार को उसे जब अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो उसे कालेज की प्राचार्य ने अपने स्टाफ के साथ जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया।  प्री टर्म डिलीवरी वाली महिला श्रीमति कुसमा मनोज बघेल की हिम्मत की दाद देनी चाहिए उसने स्वस्थ बेटी को जन्म देने के बाद दुसरे दिन 19 फरवरी को दुसरा पेपर दिया। 20 फरवरी को तीसरा पेपर दिया और 24 फरवरी को श्रीमति कुसमा मनोज बघेल ने पेक्टीकल भी दिया।

200 वी वर्षगांठ की पूर्व बेला पर
उल्लेखनीय है कि श्रीमति कुसमा मनोज बघेल ने बैतूल की यादों को अपनी बेटी को बैतून नाम दिया। दर असल में श्रीमति कुसमा मनोज बघेल ने जिस बेतूल जिले में अपनी बेटी को जन्म दिया उस बेतूल का जन्म 200 साल पूर्व 15 मई 1822 को हुआ था। बदनूर से बेतूल बने इस जिले की आने वाले वर्ष की 15 मई 2022 को 200 वी वर्षगांव है। वर्षगांठ के पूर्व वर्ष में 200 साल में पहली बार बैतूल किसी लड़की का नाम इस जिले के चिकित्सालय में पंजीकृत हुआ है। पूरे देश - दुनिया में अभी तक किसी भी लड़की का

नाम बैतूल या बेतूल पढऩे या सुनने में नहीं आया है।
श्रीमति कुसमा मनोज बघेल के मुताबिक उसने बेटी का नाम इसलिए बैतूल रखा है कि जब वह बड़ी हो जाए तो वह उसे बता सके कि किन हालातों में उसका जन्म हुआ है। कुसमा की बहन कविता के मुताबिक वह बेहद गर्व महसूस कर रही है कि बालिका का जन्म बैतूल में हुआ है । यही नहीं प्रसूति के बावजूद उसकी बहन ने जिस तरह से हौसला दिखाते हुए पूरी परीक्षा दी वह हिम्मत वाला काम है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अशोक बारंगा ने बताया कि जितने समय कुसमा परीक्षा देने गई उसकी बालिका की जिला अस्पताल के एसएनसीयू में अच्छी तरह से देखरेख की गई। यही वजह रही कि कुसमा को बैतूल बहुत पसंद आ गया और उसने स्मृति स्वरूप अपनी बच्ची का नाम बैतूल रख दिया। यह बैतूल वासियों के लिए भी गर्व की बात है।

200 वर्षगांठ पर मेहमान होगी बेटी
बैतूल जिले की 200 वर्षगांठ की तैयारी में जूटे पत्रकार लेखक रामकिशोर पंवार ने बताया कि बेतूल पर उनकी एक पुस्तक आ रही है जिसमें बेतूल का इतिहास वर्तमान और भविष्य को सचित्र प्रकाशित किया जा रहा है। श्री पंवार के अनुसार जब बैतूल जिला अपनी 200 वी वर्षगांठ मनायेगा उस समय यह बेतूल में जन्मी बेटी हमारी मेहमान होगी। श्री पंवार के अनुसार जिले इस वर्ष 15 मई 2021 से बेतूल जिले की 200 वी वर्षगांठ मनाए जाने की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। 15 मई 2021 से 15 मई 2023 तक दो वर्षो तक जिले की चार उप अखण्डो, 10 तहसीलो, 10 विकासखण्डो, 10 जनपदो, 556 ग्राम पंचायतो के 1334 गांवो में दो वर्षिय जन्मोत्सव कार्यक्रम होगा। 365 दिनो के कार्यक्रम में जिले की आस पडौस की दो ग्राम पंचायतो को मिला कर हर रोज एक जन्मोत्सव कार्यक्रम होगा। देश दुनिया का बेतूल पहला जिला होगा जो अपनी 200 वी वर्षगांव को यूं इस तरह मनाएगा। 15 मई 2021 से 14 मई 2021 तक पूरे एक साल कार्यक्रम को लेकर गांव - गांव में जागरूकता लाई जाएगी। जन्मशताब्दी वर्ष के मुख्य कार्यक्रम 15 मई 2022 को श्रीगणेश होगा तथा समापन 15 मई 2023 को होगा। 

 

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email