बस्तर

चित्तर सिंह मामले में जांच का दायरा बढ़ा, तहसील और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जांच तेज

चित्तर सिंह मामले में जांच का दायरा बढ़ा, तहसील और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जांच तेज

आलीशान मकान में रहने वाले ऑपरेटर ने किया था गरीब चित्तर की झोपड़ी पर कब्जा

जगदलपुर : संभाग मुख्यालय जगदलपुर में रोजी-रोटी कमाने आया चित्तर सिंह और उसके परिवार के घर कब्जा करने के मामले में चल रही जांच का दायरा बढ़ता ही जा रहा है.अब तक पुलिस विभाग और तहसील में मामले की कड़ाई से जांच चल रही है तो दूसरी ओर कंगोली के समस्त वार्डवासी चित्तर सिंह के पक्ष में खड़े हैं.इस संबंध में वार्डवासियों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर मकान के मूल मालिक चित्तर सिंह के समर्थन में बयान दर्ज करा दिया है.इसी माह मकान कब्जे मामले का पटाक्षेप हो जाएगा तथा वास्तविक मालिक को उसका मकान सुपुर्द कर दिया जाएगा.पिछले ढाई सालों से चित्तर सिंह अपने ही मकान के लिए लड़ाई लड़ रहा है.

गरीब बेसहारा परिवार का मकान कंप्यूटर ऑपरेटर ने कब्जा कर लिया है.ढाई साल चली लंबी लड़ाई बाद आखिरकार चित्तर सिंह के पक्ष में माहौल तैयार हो रहा है.जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पाया है कि चित्तर सिंह और शांति बाई के साथ कंप्यूटर ऑपरेटर रवि राज पटनायक ने कूटरचना कर मकान पर कब्जा जमा लिया है.अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है की कांगोली स्थित उक्त मकान का मूल मालिक चित्तर सिंह ही है और ऑपरेटर रविराज किरायेदार।एक ठेकेदार के मजदूरों को उसने वहां रखा है ताकि अपना कब्जा दिखा सके।लेकिन मामला अब भारी पड़ता नजर आ रहा है।रवि राज पटनायक के साथ एक सरकारी कॉन्ट्रैक्टर का मुंशी नितिन डांडे ही खड़ा नजर आ रहा है.

उसने भी कई ग्रामीण इलाकों में धोखाधड़ी की है.जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने करने की बात कही है.ऑपरेटर रवि राज पटनायक ढाई साल पहले किरायेदार बन कर चित्तर सिंह के मकान पर आया और कब्जा कर लिया था और उसके बाद कूटरचना कर समस्त दस्तावेज तैयार कर लिया अब वार्ड वासियों ने कलेक्टर को यह बताया दिया है कि मकान का मूल मालिक चित्तर सिंह ही है और रवि राज पटनायक किराए पर आया था.

कब्जाधारी रविराज की हकीकत जाने के बाद बिजली विभाग ने मकान के सारे कनेक्शन भी काट दिए.इसके अलावा तहसील में मामले की जांच जारी है.मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भी एक पत्र सीएमओ से प्राप्त हुई है जिसकी जांच लगभग पूरी हो चुकी है सितंबर माह के अंत तक गरीब चित्तर सिह,शांति बाई और उसके दोनों बच्चों को न्याय मिलने की संभावना है।ऑपरेटर रवि चित्तर के घर जाकर गाली गलौज करने से भी गुरेज नहीं कर रहा है.चारों तरफ से घिरता देख रवि राज पटनायक कांगोली में रहने वाले लोगों से उसके पक्ष में माहौल तैयार करने व हस्ताक्षर कराने घूम रहा है.अब तो रवि का साथ  देने वाला अधिवक्ता और पटवारी ने भी साथ छोड़ दिया है.वार्ड पार्षद ने चित्तर सिंह के पक्ष में बयान देकर रवि की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

ऑपरेटर रवि राज पटनायक ने कूटरचना कर मकान के मूल निवासी को ही किराए के मकान पर रहने को मजबूर कर दिया था.अब गरीब चित्तर सिंह अगले महीने अपने घर पर होगा और रविराज बाहर।बताया जा रहा है कि रविराज पटनायक का संतोषी वार्ड में आलीशान मकान है और वह पूरे परिवार समेत वहीं रह रहा है.चित्तर का मकान उसने इस लिये कब्जा किया ताकि उसे अच्छी कीमत में बेच सके मगर वह अपनी नियति में फेल हो चुका है।न्याय मिलने के बाद चित्तर सिह ने कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले ऑपरेटर रविराज के खिलाफ FIR दर्ज कराने की बात कही है.

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