डॉ.समरेंद्र पाठक
वरिष्ठ पत्रकार
नई दिल्ली : दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज कहा कि सदन की कार्यवाही में व्यवधान एवं बहिष्कार लोकतंत्र में ठीक नहीं है। श्री गुप्ता ने यह बात यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान विपक्ष ने पूरी तरह से नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया। यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने बिना किसी ठोस मुद्दे के विरोध के नाम पर सदन की कार्यवाही से अनुपस्थित रहने का विकल्प चुना,जो देश के विधायी इतिहास में अभूतपूर्व है।

विधानसभा अध्यक्ष ने आठवीं विधान सभा के चौथे सत्र के दूसरे भाग के समापन पर कहा कि 23 से 27 मार्च तक चले इस सत्र में कुल चार बैठकें हुईं। सदन में कुल 15 घंटे और 16 मिनट तक काम काज हुआ। श्री गुप्ता ने कहा कि इस सत्र के दौरान देखा गया कि आचरण संसदीय कामकाज के लिए गंभीर चिंता पैदा करता है। उन्होंने उल्लेख किया कि कार्यवाही में जानबूझकर व्यवधान डालना, सदन को चलने से रोकना, उसकी गरिमा की उपेक्षा करना और बाद में भ्रामक विमर्श बनाने का प्रयास करना अनुशासनहीनता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को कोई शिकायत थी, तो वे सदन में आकर अपना पक्ष रख सकते थे और उन्हें चर्चा के लिए समय दिया जाता, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शामिल न होने का फैसला किया। विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबन के मामले पर स्पष्ट किया कि इस बारे में 21 मार्च को विपक्ष के नेता के साथ हुई बैठक में विस्तार से बताया गया था। श्री गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैग की सभी 7 लंबित रिपोर्टों को सदन के पटल पर रख दिया गया है और अब कोई भी रिपोर्ट लंबित नहीं है।एल.एस.






























