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सिंधु जल पर बढ़ा तनाव, बिलावल भुट्टो ने भारत को दी परमाणु युद्ध की धमकी

सिंधु जल पर बढ़ा तनाव, बिलावल भुट्टो ने भारत को दी परमाणु युद्ध की धमकी

Pakistan News : सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बरकरार है। इस तनाव के बीच पाकिस्तान की ओर से लगातार उकसाने वाले बयान सामने आ रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने भारत के साथ सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) विवाद को लेकर तीखी बयानबाजी की है। परमाणु सिद्धांत का हवाला देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के जल अधिकारों को कमजोर करने का कोई भी प्रयास 'राष्ट्रीय अस्तित्व' पर हमला माना जाएगा और इससे 'राष्ट्रीय प्रतिक्रिया' हो सकती है।

बिलावल भुट्टो ने मंगलवार को इस्लामाबाद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि 1960 की सिंधु जल संधि को भारत द्वारा निलंबित किए जाने के बाद यह मुद्दा अब केवल पर्यावरणीय या राजनयिक नहीं, बल्कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा और अस्तित्व से जुड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु सिद्धांत का एक प्रमुख पहलू यह है कि देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने या उसके जलमार्गों पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास उन चरम परिस्थितियों में शामिल हैं, जिनमें परमाणु प्रतिक्रिया का विकल्प खुला रखा गया है।

इस दौरान भुट्टो ने जोर देकर कहा कि अगर पाकिस्तान के जलक्षेत्र को बंद करना परमाणु युद्ध के परिदृश्य के बराबर है, तो इसे केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि पाकिस्तान पर अस्तित्वगत हमला मानना चाहिए, जिसके लिए समग्र और सहयोगात्मक प्रतिक्रिया जरूरी है।

पानी हमारा है, रहेगा हमारा

सोमिनार में बोलेत हुए बिलावल भुट्टो ने भारत पर पानी को 'दबाव का हथियार' बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर कोई सोचता है कि पाकिस्तान सिंध को सौंप देगा, तो वह पाकिस्तान को नहीं जानता। वह सिंध, पंजाब, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान को नहीं जानता। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम शांति चाहते हैं, लेकिन गरिमापूर्ण शांति। हम संवाद चाहते हैं, लेकिन कानून के दायरे में। हम सह-अस्तित्व चाहते हैं, लेकिन समर्पण नहीं। पाकिस्तान अपने जल, अपनी संधि, अपनी संप्रभुता और अपने भविष्य की रक्षा करेगा। भुट्टो ने सिंधु नदी को पाकिस्तान की 'जीवन रेखा' बताते हुए कहा कि सिंधु नदी दबाव का बिंदु नहीं, सौदेबाजी का मोहरा नहीं और न ही किसी के हाथों में हथियार है। सिंधु नदी पाकिस्तान की जीवनरेखा है।

पहले भी दे चुके हैं इस तरह के बयान

गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद संधि को स्थगित करने के फैसले के तुरंत बाद भी बिलावल भुट्टो ने इसी तरह की चेतावनी दी थी। उस समय उन्होंने कहा था कि सिंधु नदी हमारी है और हमारी ही रहेगी। या तो हमारा पानी बहेगा, या उनका खून। पाकिस्तान का परमाणु सिद्धांत 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध' से विकसित होकर 'पूर्ण-स्पेक्ट्रम प्रतिरोध' बन चुका है। पाकिस्तान 'नो फर्स्ट यूज' नीति नहीं अपनाता और अस्तित्व के लिए गंभीर खतरे की स्थिति में पहले परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का विकल्प खुला रखता है।

यहां आपको बता दें कि सिंधु नदी पाकिस्तान की लगभग 80 प्रतिशत कृषि भूमि को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराती है। पाकिस्तान इस संधि के तहत अपने जल अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आवाज उठाता रहा है। इसके बावजूद उसे कोई फायदा नहीं हुआ। यही कारण है कि पाकिस्तानी नेता अब परमाणु बम तक आ गए हैं, ये जानते हुए भी कि भारत को ऐसी चेतावनी से आज तक कई फर्क नहीं पड़ा है, ना आगे पड़ेगा।(एजेंसी)

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