विशेष रिपोर्ट

फूलझाड़ू प्रसंस्करण 300 महिलाओ के लिए बना आजीविका का साधन

फूलझाड़ू प्रसंस्करण 300 महिलाओ के लिए बना आजीविका का साधन

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

अबूझमाड़ में प्रचुर मात्रा में मिलती है फूलझाड़ू घास, माड़ की 70 महिलायें कर रही संग्रहण

नारायणपुर : इंसान में अगर हिम्मत और कुछ नया कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी राह मुष्किल नहीं होती, और अगर कार्य को संगठित रूप से किया जाये तो राह और भी आसान हो जाती है। ऐसा ही कार्य नक्सल प्रभावित एवं घने जंगलों के बीच बसे नारायणपुर जिले की जगदम्बा महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने कर दिखाया है। 

बातचीत के दौरान जगदम्बा महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती बुधयारिन देवांगन ने बताया कि नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड में फूलझाड़ू घास प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ओरछा विकासखंड के स्व सहायता समूह की 70 महिलाओं द्वारा फूलझाड़ू घास संग्रहण किया जाता है। फूलझाड़ू प्रसंस्करण का कार्य छोटेडोंगर एवं नारायणपुर के 20 महिला स्व सहायता समूह के 200 सदस्यों द्वारा किया जाता है। फूलझाड़ू प्रसंस्करण 300 महिलाआंे के लिए आजीविका का साधन बन गया है। समूह की महिलाओं द्वारा बाजार में मांग के अनुसार विभिन्न प्रकार के फूलझाड़ू का निर्माण किया जाता है। इससे समूह की महिलाओं को निरंतर प्रसंस्करण कार्य के साथ-साथ अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है। उनके द्वारा तैयार की गयी माड के फूलझाडू से छत्तीसगढ़ के अलावा 45 हजार फुलझाडू देश की राजधानी दिल्ली भेजा गया है। 

माड़ की झाड़ू का योगदान देश की राजधानी दिल्ली को भी चकाचक करने में हो रहा है। नारायणपुर फूलझाड़ू प्रसंस्करण केन्द्र में कार्य कर रही 3 महिला स्व सहायता समूह के 34 सदस्यों द्वारा 1 लाख 29 हजार 708 फूलझाड़ू का निर्माण किया गया है, जिसमें से 42 हजार 650 फूलझाड़ू का विक्रय किया जा चुका है। फूलझाड़ू निर्माण से प्रति सदस्य औसत 13 हजार 531 रूपये का कमीषन का भुगतान स्व सहायता समूह के सदस्यों को किया गया है। श्रीमती बुधयारिन ने बताया कि बीते जनवरी माह में प्रदेष के मुख्यमंत्री श्री भूपेष बघेल के नारायणपुर प्रवास के दौरान उन्होंने फूलझाड़ू प्रसंस्करण केन्द्र में आकर उनके कार्य को देखा और उनके कार्य की सराहना भी की थी।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2020.-21 में महिलाओं द्वारा 1042.22 क्विंटल फूलझाड़ू घास का संग्रहण किया गया था। जिसमें संग्राहकों को 50 लाख 17 हजार 100 रूपये का भुगतान किया गया था। संग्रहित फूलझाड़ू घास से समूह की महिलाओं द्वारा 1 लाख 29 हजार 708 नग पाईप फूलझाड़ू एवं केन फूलझाड़ू का निर्माण किया गया। इसमें समूह की महिलाओं को 5 लााख 84 हजार 142 रूपये कमीषन प्राप्त हुआ। इसी प्रकार वर्ष 2021.-22 में महिलाओं द्वारा 496.04 क्विंटल फूलझाड़ू घास का संग्रहण किया गया था। जिसमें संग्राहकों को 24 लाख 80 हजार 200 रूपये का भुगतान किया गया। इसमें समूह की महिलाओं को  49 हजार 604 रूपये कमीषन प्राप्त हुआ। झाड़ू निर्माण से जुड़ी महिलाओं को कमीषन के रूप में प्राप्त होने वाली राषि से वे अपने बच्चों को अच्छी षिक्षा, घर हेतु जरूरी सामान एवं कुछ राषि बचत कर भविश्य में आने वाली जरूरतों के लिए उपयोग कर रही है।

 

 

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