सुभाष गुप्ता
भैयाथान : धान खरीदी का समय समाप्ति की ओर है, लेकिन भैयाथान क्षेत्र के किसान एक बार फिर टोकन की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। तुहर टोकन एप के माध्यम से धान उपार्जन केंद्रों में टोकन जारी किए जाने की व्यवस्था होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को अब तक धान विक्रय के लिए निर्धारित तिथि नहीं मिल पा रही है। इससे किसान मानसिक तनाव के साथ-साथ आर्थिक नुकसान की आशंका में भी हैं।किसानों का कहना है कि रकबा सुधार, अग्रिस्टेक में त्रुटि तथा अन्य तकनीकी कारणों के चलते वे समय पर टोकन नहीं कटवा पाए थे। हालांकि अब जब सभी दस्तावेजों का सुधार कर किसान समितियों में पहुंच रहे हैं, तो उन्हें यह कहकर लौटना पड़ रहा है कि तुहर टोकन एप में स्लॉट उपलब्ध नहीं है। हालात यह हैं कि खरीदी केंद्र खुले होने के बावजूद किसान धान विक्रय से वंचित रह जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह स्थिति केवल किसी एक-दो केंद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग पूरे भैयाथान विकासखंड क्षेत्र की सभी धान उपार्जन समितियों में यही हाल बना हुआ है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।किसानों का आरोप है कि धान खरीदी में लगभग 20 दिन शेष है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर न तो टोकन की लिमिट बढ़ाई जा रही है और न ही खरीदी अवधि में कोई ठोस राहत दी जा रही है।
इससे छोटे और सीमांत किसानों की परेशानी और बढ़ गई है, जिनके पास धान को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की समुचित व्यवस्था नहीं है।पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तुहर टोकन एप में तत्काल अतिरिक्त स्लॉट खोले जाएं तथा धान खरीदी की अवधि और टोकन लिमिट दोनों में बढ़ोतरी की जाए, ताकि विकासखंड का कोई भी पात्र किसान धान विक्रय से वंचित न रह जाए।















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