सुभाष गुप्ता
सूरजपुर : जिले के वनपरिक्षेत्र सूरजपुर अंतर्गत पर्यटन स्थल कुमेली वाटरफॉल में वन विभाग के रेस्ट हाऊस में कथित तौर पर युवतियों के साथ आपत्तिजनक ढंग से अश्लील डांस के वायरल वीडियों के मामले को लेकर खबर प्रकाशन के उपरांत हरकत में आये विभाग के आला अधिकारी रेस्ट हाऊस पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में जांच अधिकारी एसडीओ का कहना है कि पूरे
मामले की जांच की जा रही है और जांच में आये तथ्यों के अनुरूप संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो में नजर आ रहे लोगों की भी शिनाख्त कर उनके विरूद्ध भी कार्रवाई होगी। एसडीए ने बताया कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सीसीएफ को भेजी जाएगी। उल्लेखनीय है कि कुमेली वाटरफाल के समीप स्थित वन विभाग के सर्किट हाऊस में रात को बकायदा आर्केस्टा और महिला डांसर बुलाकर कुछ लोगों का ठुमके लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया में तेजी के साथ वायरल हुआ था। वारयल वीडियों में मौके
पर कुछ जनप्रतिनिधि, कर्मचारी भी नजर आ रहे थे। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा था युवक-युवतियों द्वारा अश्लील गानों पर डांस किया जा रहा था। वायरल वीडियो को लेकर नागरिकों का कहना था कि यह वीडियो स्थानीय परंपरा और संस्कृति पर कुठाराघाट है। इस मामले में प्रशासन को जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों सहित इस रंगीन महफिल में शामिल लोगों के विरूद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। बहरहाल मामला प्रकाश में आने के बाद वन विभाग के आला अधिकारी हरकत में आये और मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की।
एसडीओ ने कहा- सीसीएफ को सौंपेंगे जांच रिपोर्ट
मामले का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा गया था। दूसरे दिन विभाग के आला अधिकारियों ने आनन-फानन में एसडीओ के नेतृत्व में टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कर करने के लिए मौके पर भेजा गया। जांच अधिकारी एसडीओ ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच जा रही है। जांच पूरी होने के उपरांत इसकी रिपोर्ट सीसीएफ को भेजी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस मामले में विभाग के किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही वीडियो में नजर आ रहे लोगों की भी पहचान कर उनके विरूद्ध भी कानूनी कार्रवाई होगी।
रेस्ट हाऊस के चौकीदार ने किए चौंकाने वाले खुलासे
इस पूरे मामले में रेस्ट हाऊस के चौकीदार शोभित राम ने काफी चौकाने वाला खुलासा किया है। चौकीदार की माने तो उसका कहना है कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो काफी पुराना है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित रेस्ट हाऊस तत्कालीन वनपरिक्षेत्राधिकारी आरसी प्रजापति के कहने पर खोला जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल के समय यहां कई तरह की गतिविधियां संचालित होती थी। चौकीदार के इस बयान के सामने आने के बाद वन विभाग के कार्यशैली की पोल खुलकर सामने आ गई है। इससे स्पष्ट होता है कि विभागीय अधिकारियों के संरक्षण में रेस्ट हाऊस में काफी समय से इस तरह की गतिविधियों का संचालन होता रहा है। साथ ही यहां असामाजिक व आवारा तत्वों का जमावड़ा विभाग की जानकारी से होता आया है। बावजूद इसके विभाग के आला अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
एसडीओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। मामले में जांच प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत ही पता चल सकेगा कि तत्कालीन रेंजर
सहित जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के उपर विभागीय कार्रवाई की गाज गिरती है या फिर अन्य मामलों की तरह इसे भी जांच के उपरांत ठण्डे बस्ते में डाल दिया जाएगा।















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