महासमुन्द

गुडरूडीह जंगल में हो रहे मुरूम उत्खनन का सीमांकन जरूरी : विनोद चंद्राकर

गुडरूडीह जंगल में हो रहे मुरूम उत्खनन का सीमांकन जरूरी : विनोद चंद्राकर

संवाददाता: प्रभात मोहंती

मुरूम का अवैध उत्खनन कर किया जा रहा करोड़ों की राॅयल्टी चोरी

महासमुंद : पूर्व संसदीय सचिव छ.ग. शासन व पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने गुडरूडीह में प्रस्तावित से अधिक क्षेत्रफल में मुरूम का अवैध उत्खनन भारत माला परियोजना कार्य में लगे कंपनी द्वारा कराए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस अवैध उत्खनन को शासन- प्रशासन की मौन सहमति भी बताया है।श्री चंद्राकर ने कहा कि भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्य के लिए गुडरूडीह (तुमगाँव) के जंगलों से अंधाधूंध मुरूम उत्खनन किया जा रहा है। यहां मुरूम खनन के लिए कंपनी ने प्रस्ताव लिया था, लेकिन, प्रस्तावित घनमीटर से लगभग 10 गुना अधिक क्षेत्रफल में मुरूम की अवैध खुदाई की गई। इसके अलावा गाँव के ही अन्य स्थान पर उत्खनन किया जा रहा। जो वन विकास निगम का वनभूमि है।

पूर्व संसदीय सचिव ने बताया कि इस अवैध उत्खनन से सरकारी खजाने को करोड़ों रूपए की राॅयल्टी का नुकसान होने का अनुमान है। कंपनी द्वारा गुडरूडीह के जिस स्थान पर मुरूम की अवैध खुदाई की जा रही है, यदि उक्त स्थान का सीमांकन किया जाए तो करोड़ों रूपए राॅयल्टी चोरी का खुलासा हो सकता है। इस मामले में खनीज विभाग की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता। विभागीय मिलीभगत से कंपनी द्वारा अनुमति से 10 गुना अधिक क्षेत्रफल में अवैध रूप से उत्खनन किया जा चुका है। इतनी अिधक गहराई तक खोदा गया है, कि यदि कोई उसमें गिर जाए तो जीवित बचना मुश्किल है। वन क्षेत्र से जुड़े होने के कारण जंगली पशुओं का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में उन्हें भी इन गड्ढों से गंभीर खतरा उत्पन्न हो चुका है।

उन्होंने कहा कि मुरूम खनन में राॅयल्टी चोरी आैर अवैध उत्खनन इस परियोजना की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। आखिर किसके शह पर कंपनी द्वारा ग़ुडरूडीह सहित प्रदेश के अनेक स्थानों पर इस तरह अवैध मुरूम का उत्खनन किया जा रहा है। शासन - प्रशासन इस करोड़ों रूपए की रायल्टी चोरी में सज्ञान क्यों नहीं ले रहा। सत्ता पक्ष व प्रशासन की चुप्पी इस मामले में मिलीभगत को दर्शा रहा है। इस अवैध उत्खनन से गाँव का पारिस्थितक तंत्र आैर वनों की सुरक्षा खतरे में पड़ गया है।

गुडरूडीह के जिस स्थान पर वर्तमान में मुरूम उत्खनन किया जा रहा है, वह वन विकास निगम क्षेत्र में आता है, तथा उसकी अनुमति भी नहीं ली गई है। बिना अनुमति यहां से दिन-रात मुरूम का अवैध उत्खनन कर शासन को करोड़ों रु. के रायल्टी का चुना लगाया जा रहा है। पारागाँव क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के लिए यहीं से मुरुम ले जाया गया है। अब उसके आगे अभनपुर क्षेत्र के गाँवों की ओर चल रहे कार्य के लिए यहां से मुरूम ले जाया जा रहा है। जिससे वन क्षेत्र के पेड़ों की अवैध कटाई व मुरूम का अवैध उत्खनन बेरोकटेक जारी है।

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email