सूरजपुर

2 वर्ष गुजर गए न्यायालय एवं नेताओं का चौखट पर माथा टेकते हुए

2 वर्ष गुजर गए न्यायालय एवं नेताओं का चौखट पर माथा टेकते हुए

संवाददाता: सुभाष गुप्ता 

केवल मोहल्ले वालों को मिला तारीख पर तारीख तारीख पर तारीख 

सूरजपुर : सूरजपुर भैया था रोड वार्ड  क्रमांक 7 15 डिसमिल सड़क रास्ता के भूमि में किराए के दुकान और मकान चलाया जा रहा है आखिर कौन है जिम्मेदार न्याय की आस लगाएं सूरजपुर का एक वार्डवासी पिछले  2 वर्ष न्याय की आस में गुजर दी  अपनी आवास के सामने सड़क चौड़ीकरण की मांग को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से लेकर सूरजपुर  न्यायालय की शरण में माता टेकते टेकते गुजार दी परंतु मोहल्ले वालों को केवल न्यायालय एवं नेताओं से  आश्वासन ही  मिलता रहा है।

लोकतंत्र में जनता द्वारा चुना गया जनता के लिए प्रशासन चलाने वाला जनप्रतिनिधि अपनी जनता की ओर से आंखें बंद कर ली है तो वही न्याय व्यवस्था इतनी लचर होने के कारण न्यायालय में केवल समय बर्बाद हो रहा। कॉलोनी वासियों का कहना है कि नेताओं का तो आश्वासन देना  आदत है उनसे न्याय की उम्मीद भी नहीं की जा सकती परंतु हमारे न्यायालय पर अटूट विश्वास है कि आज नहीं तो कल न्यायालय सत्य के साथ न्याय करेगी परंतु न्यायालय में काफी विलंब हो जाने से मोहल्ले वासियों का भी सब्र टूट रहा है मोहल्ले वासियों का कहना है कि न्यायालय द्वारा 1993 की हिट फिल्म दामिनी में सनी देओल द्वारा बोले गए मशहूर डायलॉग तारीख पर तारीख तारीख पर तारीख का स्मरण हो जा रहा है।

 वार्ड वासी कहते हैं कि  2 वर्ष होने को है तारीख पेशी के अलावा कुछ नहीं मिल पा रहा हैआखिर कौन है जिम्मेदार छत्तीसगढ़ के मुखिया से गोहार लगाया था जिले के अधिकारी को अवगत कराया इसके बावजूद मामले से जिले के अधिकारी दूरी बनाए हुए हैं आखिर कौन है जिम्मेदार । विभिन्न पार्टियों की नुमाइंदगी करने वाले तथाकथित नुमाइंदे तथा वार्ड वासियों का रहनुमा बनने वाले इस मुद्दे पर दूरी बनाना उनकी बेशर्मी  शहर में चर्चा का विषय है।

उल्लेखनीय है कि पिछले माह  सत्ता से जुड़े नेता ,मंत्री विधायक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंच पर विराजमान थे जब वार्ड की निवासी एवं पत्रकार सुभाष गुप्ता के साथ मुख्यमंत्री को  आवेदन दिया। आवेदन देने के बाद सत्ता के मंत्री विधायक सभी नेताओं ने समस्या निदान हेतु आश्वासन दिया था परंतु उन्होंने  कभी इस श्रवण कुमार की सुध नहीं ली। इसी तरह जिला प्रशासन के उपर भी कई सवालिया निशान  रहे हैं प्रशासन की मांग स्वीकृति इस मामले पर क्यों है? वार्ड वासी सवाल उठाते हैं कि आखिर  कौन है जिम्मेदार कब होगी कार्रवाई? गंभीर विषय में जिले के सत्ता पक्ष के नेता इस विषय पर कोई बात करने के लिए तैयार नहीं है विपक्षी भी मौन सड़े हुए हैं  आखिर कौन है जिम्मेदार कब होगी कार्रवाई।

 एसडीएम  मामले  को कैसे खारिज कर देते हैं ।आठ माह से कोई दस्तावेज पेश नहीं करने के कारण कैसे को खारिज कर दिया जाता है जबकि जिले की सारी दस्तावेज एसडीएम के एक नोटिस में उपलब्ध हो जाएगा मगर एसडीम  मामले को ही खारिज करना  मुनासिब समझे और हो रहा है तारीख पैश । मोहल्ले वासियों को केवल आश्वासनमिल रहा है केवल तारीख पर तारीख तारीख पर तारीख।

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