संवाददाता: सुभाष गुप्ता
सूरजपुर : सूरजपुर खनिज विभाग एक बार फिर अपने कारनामों को लेकर चर्चा में है। विभाग ने हाल ही में जिस कार्रवाई को अपनी उपलब्धि बताया था, वह अब सवालों के घेरे में है। सूत्र बताते हैं कि विभाग ने मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए मौखिक दावे तो किए, लेकिन धरातल पर न तो कोई ठोस कार्रवाई दिखी और न ही कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई।
यह सवाल लाजिमी है कि यदि कार्रवाई वाकई पारदर्शी थी, तो विभाग को आधिकारिक ब्यौरा साझा करने में हिचक क्यों है? मीडिया से दूरी और आधिकारिक जानकारी का अभाव इस पूरी कार्रवाई को महज 'खानापूर्ति' और 'दिखावा' साबित कर रहा है। क्या यह किसी बड़े भ्रष्टाचार को छिपाने का प्रयास है या फिर अक्षमता का प्रमाण?
कौन सा क्रेशर सील किए हैं साहब...?






























